Breaking News
Home / राष्ट्रीय / लोकसभा चुनाव के नतीजे से पहले ही विपक्ष को सुप्रीम कोर्ट से तगड़ा झटका, जानें क्या है मामला

लोकसभा चुनाव के नतीजे से पहले ही विपक्ष को सुप्रीम कोर्ट से तगड़ा झटका, जानें क्या है मामला

चैनल हिंदुस्तान डेस्क: लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजों से पहले ही विपक्ष को तगड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने वीवीपैट(VVPAT) को लेकर 21 विपक्षी दलों की पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है। विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट से 50 फीसद वीवीपैट पर्चियों को ईवीएम(EVM) से मिलाए जाने की मांग की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि वह मामले पर पुनर्विचार का इच्छुक नहीं है।

सुप्रीमकोर्ट ने 21 विपक्षी दलों की इवीएम से 50 फ़ीसद वीवीपैट पर्चियों का मिलान करने और पूर्व आदेश पर पुनर्विचार करने की मांग खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा वह पुनर्विचार का इच्छुक नही।कोर्ट ने पहले प्रति विधानसभा 1 के बजाए 5 ईवीएम का वीवीपैट पर्ची से मिलान का आदेश दिया था।

ज्ञात हो कि आज के सुनवाई के दौरान कोर्ट में चंद्रबाबु नायडू, डी राजा, फारुख अब्दुल्ला मौजूद थे। लेकिन कोर्ट ने सिर्फ एक मिनट की सुनवाई मे पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी। हालांकि, वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट से मांग करते हुए कहा कि 50 नहीं तो 30 या 25 फीसद का ही मिलान कराने का चुनाव आयोग को आदेश दिया जाए।

इससे पहले 8 अप्रैल को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने हर विधानसभा क्षेत्र में पांच ईवीएम को वीवीपैट की पर्ची से मिलाने का आदेश दिया था। कोर्ट ने अपने इस आदेश में ईवीएम को वीवीपैट की पर्ची से मिलाने के आदेश को एक से बढ़ाकर पांच कर दिया था। बता दें कि फिलहाल सिर्फ एक ईवीएम का ही वीवीपैट की पर्टी से मिलान किया जाता है।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और कांग्रेस सहित कुल 21 विपक्षी दलों ने अपनी पुनर्विचार याचिका में कहा है कि ईवीएम से वीवीपैट का मिलान एक के बजाए पांच ईवीएम प्रति विधानसभा करने से यह मात्र दो फीसद ही बढ़ा है। सिर्फ दो फीसद बढ़ने से कोई असर नहीं होगा। उनके हक में फैसला आने के बावजूद उनकी शिकायत खत्म नहीं हुई है। विपक्ष की मांग है कि इसके लिए पचास फीसद ईवीएम का वीवीपैट पर्चियों से मिलान होना चाहिए।

एन. चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में देश भर के 21 विभन्न दलों के द्वारा जनहित याचिका दाखिल की गई थी। नायडू के अलावा याचिकाकर्ताओं में केसी वेणुगोपाल, अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव, शरद पवार, डेरेक ओ ब्रायन, फारूक अब्दुल्ला, शरद यादव, अजीत सिंह, दानिश अली और मनोज झा शामिल हैं।

Spread the love

About desk

Check Also

शाहीन बाग प्रदर्शन पर बोले दिलीप घोष – कोई मर क्यों नहीं रहा, क्या उन्होंने अमृत पी लिया?

चैनल हिंदुस्तान डेस्क: देश के कई राज्‍यों में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और नेशनल रजिस्‍टर …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *