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राजीव गांधी लाचार पीएम थे, नरेंद्र मोदी नहीं हैं – योगी आदित्यनाथ

चैनल हिंदुस्तान डेस्क: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आज कांग्रेस को उनकी ही बातों से घेर लिया। प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का लोकार्पण करने के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार के मामले में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की बात को ही आधार बनाया।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी कहते थे कि हम केंद्र से एक रुपया भेजते हैं तो गरीब के पास सिर्फ दस पैसा पहुंचता है। दलाल और बिचौलिए बाकी पैसे खा जाते हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दलाल, बिचौलिया व भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसने में स्वर्गीय राजीव गांधी भले ही लाचार थे, लेकिन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ऐसा कुछ भी नहीं है। वह भ्रष्टाचार का दमन करने में लगे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने देशभर में जनधन खाते खुलवाए, जिसका नतीजा है कि आज हर गरीब के खाते में वह पूरी रकम आ रही है, जितनी केंद्र या राज्य सरकार उसे देना चाहती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के वह सभी कार्य मुमकिन हो रहे हैं जिसे सपा बसपा और कांग्रेस नामुमकिन कहती थी क्योंकि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। आज सर्किट हाउस के एनेक्सी भवन से प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का लोकार्पण करते हुए मुख्यमंत्री ने केंद्र और प्रदेश सरकार की तरफ से हो रहे विकास कार्यों को सिलसिलेवार गिनाया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना और राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत पांच लाभार्थियों को परिचय पत्र दिया।

जिस गैस कनेक्शन के लिए कभी 15 हजार रुपये देना पड़ता था, उज्ज्वला योजना के तहत देश के 6.50 करोड़ परिवारों को निशुल्क गैस कनेक्शन दिया गया। यह संभव इस वजह से हो सका कि प्रधानमंत्री मोदी हैं। 2022 तक देश के 2.50 करोड़ परिवार को अपना घर होगा, अपनी छत होगी। देश में 9.50 करोड़ घरों में शौचालय बनाए गए। यूपी में 1.49 करोड़ शौचालय बने। 4.50 करोड़ घरों में निशुल्क बिजली का कनेक्शन दिया गया, जबकि पहले इसके लिए विभाग के चक्कर लगाने पड़ते थे। यह सब संभव हो सका, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी हैं। यह कांग्रेस, सपा और बसपा शासन में संभव नहीं था। 12 करोड़ किसानों को डीबीटी के माध्यम से प्रति वर्ष 6000 रुपये की पहली किस्त 2000 रुपये भेज दिया गया। उन्होंने कहा पंजीकृत श्रमिकों के लिए प्रदेश की 18 कमिशनरिओं में एक एक आवासीय विद्यालय खोले जा रहे हैं। इसमें पढ़ने वाले बच्चों को एक भी पैसा नहीं देना होगा।

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