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CJI गोगोई ने किया स्‍पष्‍ट, अयोध्या मामले की कल पूरी हो जाएगी सुनवाई

चैनल हिंदुस्तान डेस्क: राम जन्मभूमि मामले(Ayodhya land dispute case ) में में आज मंगलवार को 39वें दिन की सुनवाई शुरू हो गई है। कल सुन्नी वक्फ बोर्ड ने अपील पर बहस पूरी कर ली थी आज हिंदू पक्ष को उसकी दलीलों का जवाब दे रहा है। इस बीच मुख्‍य न्‍यायाधीश ने साफ कर दिया है कि कल 40वें दिन इस मामले में अंतिम सुनवाई होगी ऐसे में हर हाल में बहस पूरी कर ली जाए।

कल विवादित भूमि पर मस्जिद का दावा करते हुए मालिकाना हक की मांग कर रहे मुस्लिम पक्ष से सुप्रीम कोर्ट ने तल्‍ख सवाल पूछे थे। शीर्ष अदालत ने पूछा था कि यदि वहां हिंदुओं को पूजा करने का अधिकार था तो क्या इससे मुस्लिमों के एकाधिकार का दावा कमजोर नहीं हो जाता? इस पर मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन झल्‍ला गया और उन्‍होंने कहा कि अदालत सिर्फ उन्‍हीं से सवाल क्‍यों करती है।

सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष को सुरक्षा दें

सुप्रीम कोर्ट ने कल यूपी सरकार को निर्देश दिया था कि वह सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जफर अहमद फारूकी को सुरक्षा मुहैया कराए क्योंकि उन्‍होंने अपनी हत्‍या की आशंका जताई है। मुख्‍य न्‍यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने मध्यस्थता समिति के पत्र पर संज्ञान लिया था। समिति के सदस्य एवं वरिष्‍ठ अधिवक्‍त श्रीराम पांचू ने सुप्रीम कोर्ट को संबोधित पत्र में कहा है कि फारूकी ने अपनी जान जाने का खतरा बताया है।

नहीं दी दीपदान करने की इजाजत

सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई अंतिम दौर में है। अगले कुछ दिनों में इस पर फैसला आने की संभावना को देखते हुए अयोध्या में सुरक्षा इंतजामों कड़े कर दिए गए हैं। जिले में 10 दिसंबर तक के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है। इस बीच किसी भी विवाद से बचने के लिए जिला प्रशासन ने दीपोत्सव पर विश्व हिंदू परिषद को अयोध्या में विवादित स्थल पर दीपदान करने की इजाजत नहीं दी है। इससे संतों एवं विश्व हिंदू परिषद के नेताओं में आक्रोश है।

रोज आने से कोई मेरे घर का मालिक नहीं हो जाता

कल संव‍िधान पीठ के जस्टिस एसए बोबडे ने मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन से पूछा था कि यदि हिंदुओं के पास पूजा का अधिकार था, तो क्या इससे आपके एकाधिकार का दावा कमजोर नहीं हो जाता है। इस पर राजीव धवन ने कहा कि लंबे समय तक उस जगह का उपभोग करने के कारण उनके पास पूजा का अधिकार था। लेकिन उनके पास मालिकाना हक नहीं था। धवन ने दलील दी कि यद‍ि कोई मेरे घर आकर पूछे कि क्या मैं आपके यहां हाथ धो सकता हूं और मैं उसे इजाजत दे देता हूं। बाद में वह हर रोज पांच बार हाथ धोने के लिए आने लगे तो क्या वह मेरे घर का मालिक हो जाएगा।

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