निर्वाचन आयोग ने त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में मतदान तैयारियों की समीक्षा की

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चैनल हिंदुस्तान डेस्क: मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री सुनील अरोड़ा और चुनाव आयुक्त श्री अशोक लवासा तथा श्री सुशील चंद्रा के नेतृत्‍व में भारत निर्वाचन आयोग की टीम ने पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा के विशिष्ट निर्वाचन क्षेत्रों में आम चुनाव 2019 के दूसरे और तीसरे चरण के तहत होने वाले मतदान की तैयारियों की समीक्षा की।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस समीक्षा में पश्चिम बंगाल के संसदीय क्षेत्रों 3-जलपाईगुड़ी, 4-दार्जिलिंग, 5- रायगंज, 6- बालुरघाट, 7 -मालदा उत्तर, 8-मालदा दक्षिण, 9-जंगीपुर और 11-मुर्शिदाबाद में दूसरे और तीसरे चरण के तहत होने वाले मतदान तथा त्रिपुरा की दो सीटों पर दूसरे चरण के तहत होने वाले मतदान के लिए तैनात किए गए सामान्‍य, पुलिस और व्‍यय पर्यवेक्षक भी शामिल हुए।

सामान्‍य पर्यवेक्षकों ने मतदान केंद्रों पर सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाओं, निशक्‍तजनों की मैपिंग तथा मतदान केन्‍द्रों पर उनकी सुविधा के लिए किए गए प्रबंध, मतदाताओं को इस बारे में जागरुक बनाने कि फोटो वोटर स्लिप (पीवीएस) को अब पहचान दस्तावेज के रूप में नहीं माना जाएगा, लेकिन प्रत्‍येक मतदाता को मतदान के दिन मतदान केंद्र पर दिखाए जाने वाले 12 निर्दिष्ट पहचान दस्तावेजों में से एक को लाना अनिर्वाय होगा के बारे में आयोग को जानकारी दी।

आयोग ने राजनीतिक दलों की ओर से पर्यवेक्षकों को भेजी गई शिकायतें (यदि कोई हैं तो) के साथ ही मतदान के दौरान गडबडी फैलाने या लोगों को डराने धमकाने का काम कर सकने वालों के खिलाफ निवारक कार्रवाइयों की भी समीक्षा की ।

आयोग ने प्रत्‍येक संसदीय क्षेत्र में केन्‍द्रीय सशस्‍त्र बलों की तैनाती की स्थिति की भी विस्‍तृत समीक्षा की। इस अवसर पर पुलिस पर्यवेक्षकों ने जिलों में सुरक्षाबलों की तैनाती की योजना, लोगों में उनके प्रति विश्‍वास बहाली और कानून-व्यवस्था की स्थिति से भी आयोग को अवगत कराया।
समीक्षा बैठक में पश्चिम बंगाल और झारखंड के लिए विशेष केंद्रीय पुलिस पर्यवेक्षक श्री विवेक दुबे और त्रिपुरा तथा मिजोरम के लिए विशेष केंद्रीय पुलिस पर्यवेक्षक और श्री एम के दास भी उपस्थित थे।

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