Breaking News
Home / राज्य / अन्य राज्य / मनोहर पर्रिकर चार मुख्यमंत्री बने, लेकिन एक बार भी पूरा नहीं कर पाए कार्यकाल

मनोहर पर्रिकर चार मुख्यमंत्री बने, लेकिन एक बार भी पूरा नहीं कर पाए कार्यकाल

चैनल हिंदुस्तान डेस्क: कैंसर से जूझ रहे गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का रविवार को निधन हो गया है। गोवा के मुख्यमंत्री और देश के रक्षा मंत्री रहे मनोहर पर्रिकर सियासत में सादगी की जीती-जागती मिसाल थे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे 63 वर्षीय पर्रिकर ने चार बार गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में काम किया, लेकिन एक बार भी वो अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके।

मनोहर पर्रिकर ने सियासत में 1994 में कदम रखा। इसके बाद पणजी विधानसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी के तौर पर जीत हासिल करके विधायक बने। इसके बाद वो जून 1999 तक गोवा विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे।

1999 में गोवा विधानसभा चुनाव हुए। राज्य की 40 सीटों में 10 सीटें बीजेपी जीतने में कामयाब रही थी। इसके बाद गोवा पीपल्स कांग्रेस की सरकार बनी, लेकिन ये एक साल ही चल सकी। इसके बाद मनोहर पर्रिकर ने महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के दो और दो निर्दलीय विधायक सहित 21 विधायकों के समर्थन ने गोवा में सरकार बनाई।

2002 में पहला कार्यकाल

मनोहर पर्रिकर 24 अक्टूबर 2000 को गोवा के मुख्यमंत्री बने, लेकिन उनका ये पहला कार्यकाल 27 फरवरी 2002 तक ही चला। उन्होंने 2002 में गोवा के तत्कालीन राज्यपाल मोहम्मद फजल से विधानसभा भंग करके राज्य में नए चुनाव करवाने की सिफारिश की है। इसके बाद राज्य में बीजेपी का शासन खत्म हो गया।

2002 में दूसरा कार्यकाल

मनोहर पर्रिकर पांच जून, 2002 को दूसरी बार गोवा के मुख्यमंत्री बने। इस बार भी वो अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके। बीजेपी के चार विधायकों ने 29 जनवरी, 2005 इस्तीफा दे दिया। इसके बाद पर्रिकर सरकार अल्पमत में आ गई, जिसके चलते उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। कांग्रेस के प्रताप सिंह राणे, पर्रिकर की जगह गोवा के मुख्यमंत्री बने।

2012 में तीसरा कार्यकाल

गोवा में 2007 में विधानसभा चुनाव हुए जिसमें दिगम्बर कामत के नेतृत्व वाली कांग्रेस के हाथों हार का सामना करना पड़ा। पांच साल तक वो विपक्ष के नेता रहे, लेकिन 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी 40 में से 21 सीटों के साथ सत्ता में वापसी की और सत्ता के सिंहासन पर मुख्यमंत्री के तौर पर मनोहर पर्रिकर की ताजपोशी हुई। लेकिन 2014 में जब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में बीजेपी की सरकार बनी। मोदी सरकार के मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार किया गया तो मनोहर पर्रिकर ने गोवा के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर रक्षा मंत्री बने। इस तरह पर्रिकर इस बार भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके।

2017 में चौथा कार्यकाल

गोवा में 2017 में विधानसभा चुनाव हुए लेकिन बीजेपी को राज्य में बहुमत नहीं हासिल हो सका। इसके बाद उन्हें रक्षा मंत्री के पद को छोड़कर गोवा वापस जाना पड़ा। कांग्रेस 17 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बीजेपी अपने 13 विधायकों और गोवा फॉरवर्ड पार्टी व एमजीपी जैसे दलों के साथ मिलकर सरकार बनाने में सफल रही। इसके बाद मुख्यमंत्री के तौर पर मनोहर पर्रिकर की ताजपोशी की गई। पिछले साल उनकी तबीयत बिगड़ी और पता चला कि उन्हें कैंसर की बीमारी है। एक साल की लंबी बीमारी के बाद उनका रविवार को निधन हो गया। इस तरह से चौथी बार भी वो अपना मुख्यमंत्री का कार्यकाल पूरा नहीं कर सके।

Spread the love

About desk

Check Also

सुरक्षाबलों को मिली बड़ी सफलता, छत्तीसगढ़ में सात नक्सलियों को मार गिराया

चैनल हिंदुस्तान डेस्क: छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन में सुरक्षाबलों को …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *