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BJP के नए कार्यकारी अध्यक्ष के जिम्मे हैं तीन राज्यों के चुनाव, जानें जेपी नड्डा की सारी बातें

चैनल हिंदुस्तान डेस्क: भाजपा में संगठन की पहली सीढ़ी से लेकर कार्यकारी अध्यक्ष तक पहुंचे जेपी नड्डा(Jagat Prakash Nadda) के सामने संगठन के साथ तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव की भी अहम जिम्मेदारी होगी। वे राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह(Amit Shah) के साथ मिलकर काम करेंगे, लेकिन इस दौरान उनकी क्षमता को भी कसौटी पर कसा जाएगा। भाजपा में यह पहला मौका होगा जबकि राष्ट्रीय अध्यक्ष (National President) के साथ कार्यकारी अध्यक्ष (Working President) भी काम करेगा। हालांकि इससे नड्डा के संगठन चुनाव बाद नए अध्यक्ष चुने जाने के आसार बढ़ गए हैं।

संगठन चुनाव से आएगा नया अध्यक्ष

भाजपा के सामने एक विकल्प यह भी था कि वह किसी नेता को नया अध्यक्ष नियुक्त कर सकती था, लेकिन ऐसा करने में उसके नाम पर राष्ट्रीय परिषद की मुहर लगवाना जरूरी होता। चूंकि शाह का कार्यकाल पूरा हो चुका है, ऐसे में नया अध्यक्ष चुना जाना है। इसलिए दुविधा से बचने के लिए पार्टी ने संगठन चुनाव के जरिए ही नया अध्यक्ष नियुक्त करने का फैसला किया।

संगठन व सरकार का व्यापक अनुभव

इस बात के संकेत हैं कि संगठन चुनाव में नड्डा को ही नया अध्यक्ष चुन लिया जाए। हालांकि नड्डा की अग्नि परीक्षा तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव होंगे। शाह भले ही अध्यक्ष हों, लेकिन इनमें नड्डा की सांगठनिक कौशल की परीक्षा भी होगी। चूंकि नड्डा को संगठन का व्यापक अनुभव है, इसलिए उनके लिए ज्यादा मुश्किल नहीं होगी। कहा जाता है कि नड्डा के नाम पर संघ को भी कोई एतराज नहीं होता।

जगत प्रकाश नड्डा के अभी तक का सफर..

2 दिसंबर 1960 को पटना में जन्मे जगत प्रकाश नड्डा पटना विश्वविद्यालय से शुरुआती पढ़ाई की। बाद में राजनीति विज्ञान और एलएलबी की पढ़ाई शिमला विश्वविद्यालय से की। उनके पिता नारायण लाल नड्डा, पटना विश्वविद्यालय के कुलपति थे, इसलिए नड्डा का कुछ समय पटना में बीता। 1978 में एबीवीपी से जुड़कर छात्र राजनीति शुरू की। इसके बाद 1991 से 1994 के बीच भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। उनकी पत्नी मल्लिका नड्डा भी 1988 से 1999 तक एबीवीपी की राष्ट्रीय महासचिव रहीं। 2014 में मोदी सरकार में मंत्री बनने से पहले वह नितिन गडकरी और राजनाथ सिंह के अध्यक्ष रहते पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रहे। 2012 और 2018 में बीजेपी ने उन्हें राज्यसभा भेजा।

पहली बार 1993 में बिलासपुर(सदर) सीट से विधायक बने। फिर दोबारा जीते तो 1998 में स्वास्थ्य मंत्री बने। 2003 में हारे, मगर 2007 मे फिर जीते और राज्य सरकार में मंत्री बने। नड्डा, 31 साल की उम्र में ही जेपी नड्डा, भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए। पिछली मोदी सरकार में जेपी नड्डा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री रहे। इससे पहले उन्हें वन, पर्यावरण, विज्ञान और तकनीकी मंत्री बनाया गया था। दरअसल, इस बार मोदी सरकार 2.0 में जेपी नड्डा का नाम मंत्रियों की सूची में नहीं रहा, तब से ही उनके पार्टी अध्यक्ष बनने की अटकलें लगतीं रहीं। अब जाकर पार्टी ने उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है।

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