ममता बनर्जी ने स्वीकारा सिंगूर में खेती में कमी आयी, विपक्ष का हमला

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चैनल हिंदुस्तान डेस्क: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को विधानसभा में स्वीकार किया कि हुगली जिले के सिंगूर में खेती में कमी आई है। वहीं, विपक्ष ने इसे लेकर सरकार पर हमला बोला है और कहा है कि सिंगूर से टाटा के बाद वहां न तो खेती योग्य जमीन बची और ना ही रोजगार का अवसर मिला और सिंगूर अब सरकार के गले का फांस बन गया है।

माकपा विधायक दल के नेता सुजन चक्रवर्ती के सवाल का जवाब देते हुए ममता ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2018-19 में सिंगूर में 260 एकड़ जमीन पर खेती हुई है। सरकार किसानों को सभी प्रकार से सहायता मुहैया करा रही है फिर भी यदि खेती में कमी आई है तो इसे लेकर मैं अधिक टिप्पणी नहीं कर सकती।

मुख्यमंत्री ने विधानसभा में दावा किया कि सिंगूर में मिट्टी परीक्षण के बाद बीज व 10 हजार रुपये प्रत्येक किसान को खेती के लिए दी गई अब मैं किसानों को जबरदस्ती खेती करने को तो बोल नहीं सकती क्योंकि यह भी देखा जा रहा है कि कई किसान अधिक दाम मिलने पर अपना जमीन भी बिक्री कर दे रहे हैं। बता दें कि बीते वित्तीय वर्ष में यहां 600 एकड़ जमीन पर खेती हुई थी।

उल्लेखनीय है कि सिंगूर में कुल 977.11 एकड़ जमीन है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से किसानों को जमीन वापस करने का फैसला आने के बाद 955.90 एकड़ जमीन किसानों को वापस किया गया है जबकि करीब 41.21 जमीन का मालिकाना हक अब तक किसी ने साबित नहीं किया है। आंकड़े के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2017-18 में 641 एकड़ जमीन पर खेती हुई थी जबकि 2018-19 में 260 एकड़ जमीन पर ही खेती हुई है। यानि कि सिंगूर में खेती में गिरावट आई है। सरकार की ओर से खाली पड़े जमीन पर मालिकाना हक पता लगाने के लिए जिला प्रशासन व भूमि सुधार विभाग को निर्देश दिया गया है।

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