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यौन उत्पीड़न और एसिड अटैक के शिकार पुरुषों के लिए राहत, अब मिलेगा मुआवजा

डेस्क: यौन उत्पीड़न या एसिड अटैक के शिकार पुरुषों को भी अब मुआवजा मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने पोस्को कानून में सुनवाई कर रहे विशेष जजों को दो अक्टूबर से योजना लागू करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने इस बारे में नेशनल लीगल सर्विस अथॉरिटी यानी NALSA की योजना को जेंडर न्यूट्रल कहा है। कोर्ट ने कहा है कि NALSA की मुआवजा योजना जेंडर न्यूट्रल होगी। इसके तहत बलात्कार पीड़ित को न्यूनतम 4 लाख और एसिड अटैक पर 7 लाख मुआवजा देने की बात है।

ज्ञात हो कि इसी साल 11 मई को सुप्रीम कोर्ट ने NALSA की योजना को मंजूरी दी थी। इसे 2 अक्टूबर तक पूरे देश में लागू करने को कहा था। इसके तहत बलात्कार पीड़िताओं को न्यूनतम 4 लाख और एसिड अटैक के मामलों में न्यूनतम 7 लाख का मुआवजा देने की बात कही गयी है।

आपको बता दें कि इससे पहले एसिड अटैक मुआवजा स्कीम में पुरुषों को भी शामिल करने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को तैयार हो गया था। याचिका में कहा गया था कि एसिड अटैक पीड़ित पुरुषों को न मुआवजा मिलता है और न सरकारी खर्चे पर इलाज। याचिका में ये भी कहा गया था कि इस साल जनवरी से अब तक एसिड अटैक के 18 मामले सामने आये हैं, इनमें 3 मामले पुरुषों पर हमले के हैं।

एसिड अटैक पीड़ितों के लिए ये है योजना
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने एसिड अटैक मामलों में पीड़ितों को न्यूनतम सात लाख रुपए मुआवजा देने को मंजूरी दी थी। कोर्ट ने सभी राज्यों को इस संबंध में एक हफ्ते के भीतर स्कीम भेजने को कहा था, जिसके बाद हर राज्य को उसका पालन करना पड़ेगा। नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (एनएलएसए) ने मुआवजे की रकम को रिलीफ पॉलिसी के अंतर्गत तय किया था, जिस पर कोर्ट अपनी सहमति दे दी थी। अथॉरिटी ने यह रकम तय करने के लिए केंद्र सरकार के साथ चर्चा की थी, जिसमें फैसला हुआ था कि पीड़िताओं को मुआवजे के रूप में कम से कम पांच लाख रुपए से लेकर सात लाख रुपए दिए जाएंगे।

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