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निर्मम ममता सरकार, गंगासागर तीर्थयात्रियों को जबरन वापस भेजा

चैनल हिंदुस्तान डेस्क: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ब्रिगेड रैली को देखते हुए आउटट्राम घाट में लगे गंगासागर मेला के शिविरों को आनन फानन में समय से पहले ही हटा लिया गया। सागर से आने वाली बसों को बाबू घाट की जगह हावड़ा स्टेशन और सियालदह स्टेशन भेज दिया गया।
जिससे हज़ारों श्रद्धालुओं को परेशानी हुई, उन्हें खुले आसमान के नीचे ठंड में रात बिताने को मजबूर होना पड़ा।
जब इस विषय पर सेवा शिविरों से बात की गयी तो वे कुछ भी बोलने से इंकार कर दिए।
नाम नहीं लिखने की शर्त पर एक शिविर आयोजक ने कहा ” आप तो जानते ही हैं बंगाल के हालात, हम में इतनी शक्ति नहीं कि संयुक्त समिति के आदेश को नकार सकें।
ब्रिगेड की रैली की वजह से इतना कुछ हो रहा है। ब्रिगेड में जो लोग आयंगे वे अगर खाना खाने आ जाये और कुर्सी या कुछ और ले कर जाने लगे तो हम लोग क्या कर पाएंगे। इस लिए हमने 16 को ही अपना शिविर का समापन कर दिया।
कई आयोजकों में रोष देखा गया पर किसी न किसी वजह से वे हमारे कैमरे पर बोलने को तैयार नहीं हुए। बंगवासी मैदान में तो 15 को ही सब हटा दिया गया था साथ ही वहां की बिजली पानी और बाथरूम को तोड़ दिया गया।

गंगा सागर मेला पूरे भारत में अपना एक अलग महत्व रखता है, लोगों में धारणा है कि एक बार मकर संक्रांति के दिन सागर में डुबकी लगाने मात्रा से ही सभी पाप से मुक्त हो जाते हैं। हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु इस आस्था के पर्व को मनाने आते हैं। कहा जाता है कि सब तीर्थ बार-बार गंगा सागर एक बार।
लोग अमूमन एक बार ही सागर में डुबकी लगाने आते हैं और डुबकी लगाने के बाद वे कोलकाता के धार्मिक स्थलों की भी दर्शन करते हैं। इस दौरान उनका ठहराव आउटट्राम घाट में ही होता है। इस बार ब्रिगेड रैली की वजह से लोगों का ठहराव आउटट्राम घाट में नहीं हो सका।

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