पश्चिम बंगाल के सरकारी डॉक्टर हड़ताल पर, कांग्रेस संसद ने लिखा मोदी को पत्र

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चैनल हिंदुस्तान डेस्क: एनआरएस मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के कारण मरीजों को दूसरे दिन भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।अब लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

कोलकाता स्थित नीलरतन सरकार मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक रोगी की मौत के बाद जूनियर डॉक्टरों के साथ मृतक के परिजनों की हुई मारपीट की घटना के बाद राज्य के साथ-साथ पूर्व एवं पश्चिम मेदिनीपुर जिले की स्वास्थ्य परिसेवा भी ठप हो गई है।

बुधवार की सुबह 9 बजे से जहां दोनों जिले में स्थित सरकारी अस्पतालों की आउटडोर परिसेवा बंद है, वहीं पश्चिम मेदिनीपुर जिला अंतर्गत मेदिनीपुर स्थित मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल (एमएमसीएच) के समक्ष रोगियों के आक्रोशित परिजनों ने जमकर हंगामा मचाया। बताया जा रहा है कि नीलरतन सरकार मेडिकल कॉलेज अस्पताल की घटना से आक्रोशित एमएमसीएच के चिकित्सकों ने भी सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक स्वास्थ्य परिसेवा बंद रखने का निर्णय लिया। इस दौरान रोगियों को लेकर पहुंचे उनके परिजनों को जब पता चला कि अस्पताल की स्वास्थ्य परिसेवा पूरी तरह से बंद है, तो उनका भी धैर्य जवाब दे गया और सुबह 11 बजे से अस्पताल के समक्ष स्वास्थ्य परिसेवा पुन: चालू किए जाने की मांग करते हुए जमकर हंगामा मचाया।

इस दौरान उनके द्वारा अस्पताल परिसर में खड़ी कुछ चिकित्सकों के वाहनों को क्षति पहुंचाए जाने की भी सूचना है। सूचना पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति नियंत्रित किया गया। हालांकि समाचार प्रेषण तक एमएमसीएच में रोगियों के परिजनों का प्रदर्शन जारी था। हालात को ध्यान में रखते हुए एमएमसीएच में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। इधर खड़गपुर स्थित महकमा अस्पताल में भी स्वास्थ्य परिसेवा पूरी तरह से बंद रही। जिससे रोगियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

इससे पहले कांग्रेस के सांसद अधीर रंजन चौधरी ने इस संबंध में पीएम नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा। कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने अपने पत्र में पीएम मोदी ने इस मामले का जिक्र किया है। इस पत्र के माध्यम से कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने पीएम मोदी को कोलकाता में मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों के डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार के मामले में दखल देने का अनुरोध किया गया है।

ज्ञात हो कि कोलकाता के NRS अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों पर हमलों से गुस्साए मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों के डॉक्टरों ने कार्य बहिष्कार कर दिया है। कोलकाता के महत्वपूर्ण अस्पतालों में से एक नील रतन सरकार मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सोमवार की रात एक रोगी की मौत को लेकर जमकर बवाल हुआ। आरोप है कि रोगी की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। कहा जा रहा है कि इसके बाद जूनियर डॉक्टरों व रोगी के परिजनों के बीच जमकर मारपीट हुई। इसके बाद से जूनियर डॉक्टरों ने अस्पताल के गेट पर ताला लगाकर पूरा काम ठप कर दिया है।

जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि जब तक सुरक्षा और उनकी अन्य मांगे पूरी नहीं होती है तब तक वे लोग काम पर नहीं लौटेंगे। वे लोग गेट पर धरना पर बैठे हुए हैं। खबर मिलते ही राज्य के स्वास्थ्य निदेशक अस्पताल पहुंचे हैं और चिकित्सकों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच अस्पताल के गेट पर ताला होने की वजह से सुदूर जिलों से आए मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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